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    निपुण लक्ष्य

    तृतीय तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर 2025) की इम्फाल क्लस्टर स्तरीय एफ.एल.एन./निपुण भारत बैठक

    शैक्षणिक सत्र 2025-26 की तृतीय तिमाही की इम्फाल क्लस्टर स्तरीय एफ.एल.एन./निपुण भारत बैठक का आयोजन दिनांक 06.12.2025 को केन्द्रीय विद्यालय एन.एच.पी.सी. लोकताक में किया गया। बैठक का उद्देश्य इम्फाल क्लस्टर के केन्द्रीय विद्यालयों में आधारभूत शिक्षण, शैक्षणिक प्रगति तथा प्राथमिक शिक्षा के समग्र संचालन की समीक्षा करना था। चर्चा का मुख्य केन्द्र कक्षागत शिक्षण पद्धतियों को सुदृढ़ करना, विद्यार्थियों के प्रदर्शन में वृद्धि करना तथा निपुण भारत के अंतर्गत विभिन्न पहलों के क्रियान्वयन में सुधार करना रहा। क्लस्टर के सभी 09 केन्द्रीय विद्यालयों के प्राचार्यों एवं विद्यालय प्रमुखों ने अपने-अपने मुख्याध्यापक/प्राथमिक प्रभारी के साथ बैठक में भाग लिया।

    बैठक में निम्नलिखित कार्यसूची बिंदुओं पर चर्चा की गई:

    1. एफ.एल.एन., एल.ए.टी. (क्षेत्रीय कार्यालय स्तर) तथा ओ.आर.एफ. (आधार रेखा) के आँकड़ों का विश्लेषण
    2. विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार हेतु कार्ययोजना
    3. कक्षा पुस्तकालय एवं परियोजना 1/11/21 का समुचित क्रियान्वयन
    4. धीमी गति से सीखने वाले विद्यार्थियों हेतु उपचारात्मक कक्षाएँ
    5. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आई.सी.टी.) का प्रभावी उपयोग तथा ई-कक्षाओं का अधिक आयोजन
    6. समावेशी शिक्षा पर विशेष ध्यान
    7. प्राथमिक विद्यार्थियों द्वारा प्रातःकालीन सभा का संचालन (सप्ताह में दो दिन)
    8. महत्वपूर्ण दिवसों का आयोजन
    9. समग्र प्रगति पत्रक (एच.पी.सी.) एवं शैक्षणिक प्रगति पत्रक का वितरण
    10. नए प्रारंभ किए गए विषयों – बागवानी, खेलयोग एवं बाँसुरी – की समीक्षा
    11. कक्षा 5 के प्रथम सत्र (टर्म-I) के परिणामों की समीक्षा एवं कार्ययोजना (शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अनुत्तीर्ण न करने की नीति)
    12. अनुकरणीय नवाचारी प्रथाएँ
    13. एस.ए.एस. संबंधी गतिविधियाँ
    14. नागरिक भावना, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य-विज्ञान (हाइजीन) के संस्कारों का विकास

    बैठक का समापन सभी सहभागी केन्द्रीय विद्यालयों की ओर से आधारभूत शिक्षण को सुदृढ़ करने, शिक्षण पद्धतियों को बेहतर बनाने तथा क्लस्टर के प्राथमिक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। चर्चा में आँकड़ा-आधारित योजना, समावेशी शिक्षा, आई.सी.टी. के एकीकरण तथा मूल्य-आधारित गतिविधियों के महत्व को पुनः रेखांकित किया गया। सभी विद्यालयों ने सुझाए गए कार्य-बिंदुओं को निष्ठापूर्वक लागू करने तथा निपुण भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रिय रूप से परस्पर सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की। सत्र का समापन शिक्षकों एवं उनके विद्यालय प्रमुखों की सक्रिय सहभागिता की सराहना के साथ हुआ।